
केशकाल /महफूज़ अली– शहर में रबीउल अव्वल के चांद की तारीख से पैगम्बर ए इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्म दिवस ईद मिलादुन्नबी के मौके पर नात ,मसला _ मसाइल,किरत प्रोग्राम में छोटे बच्चों से लेकर नौजवान ,बुजुर्ग सभी उम्र के लोगों ने अकीदत के साथ हिस्सा लिया। मस्तुरातो ने भी दुरुदोपाक, मसला मसाइल, किरत, नात में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।सभी लोगों को इनाम बतौर हौसला अफजाई दिया गया।
पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्म दिवस को ही जश्ने ईद मिलादुन्नबी कहते हैं। मुस्लिम समाज ने इस मुबारक मौके में जामा मस्जिद मे सुबह 4 बजकर 15 मिनट से दरुदो व जिक्र पाक, सलातो सलाम पेश किया सुबह 9 बजे जुलुस निकाल कर हजरत मोहम्मद का पैगाम लोगों को दिया और खुशियां जाहिर की।अमन चैन का पैगाम देता जुलुसे मोहम्मदी केशकाल जामा मस्जिद से निकल कर शहर केशकाल के पुराना कब्रिस्तान ,बोरगांव से स्टेट बैंक तक जाकर वापस जामा मस्जिद पहुंचा ,जुलुस में लोगों ने नात शरीफ और हुजूर की आमद के नारे लगाकर अपनी खुशी जाहिर की।फिर मस्जिद के सेहन में परचम कुशाई की रस्म अदायगी सैय्यद असद अली ने की। और देश दुनिया के लिए अमन चैन ,भाईचारे और खुशहाली की दुआएं मांगी गई।
स्कूलों और कॉलेज में जो बच्चे अच्छे नंबर से पास हुए उन बच्चों का हौसला अफजाई कर इस्तेकबाल किया गया।
बारह रबीउल अव्वल के मौके पर सोमवार शाम आम लंगर का एहतेमाम भी रखा गया।
मुस्लिम समुदाय के सदर सलीम मेमन ने कहा-पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पैगाम ,शांति, हुस्ने सुलूक, अहिंसा, अमन चैन, भाईचारे कायम रखने का जन जन तक, पहुंचाने का प्रयास कमेटी और मुस्लिम समुदाय का होता है
सारे प्रोग्राम शरीयत के दायरे में सदर सलीम मेमन की सदारत में, जेरे कयादत मुफ्ती अब्दुल मुगनी,तनवीर आलम, कारी अबरार आलम,हसनैन रजा,साहिल रजा और ओलमाए किराम ने की।




