
???????????????????? महाशिवरात्रि मेला????????????????????
केशकाल से मात्र 3 कि.मी. दूरी पर हरे भरे जंगल पहाड के बीच स्थित अतिप्राचिन प्रसिद्ध पवित्र शिवधाम गढधनौरा- गोबरहीन जंहा पर खुले आसमान तले विराने में विराजित है औघढ वरदानी भोले भंडारी का अलौकिक भव्य शिव लिंग
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महाशिवरात्रि पर्व पूर्व संध्या से जंहा पर पंहुचने वाले भक्तों का तांता लग जाता है और ब्रम्ह मुहूर्त से स्नान करके भक्तजन देवाधिपतिदेव महादेव का ध्यान धरते दर्शन पूजन में जुट जाते है ।
गांव -शहर से दूर निर्जन वन क्षेत्र में जंगल में मंगल का ऐहसास करते भगवान भोलेनाथ का दर्शन पूजन करके प्राचिन काल के मंदिरों का भग्नावशेषों को देखते विचरंण करने का जो आनंद और अनुभूति मिलता है वह अविस्मरणींय बन जाता है ।
महाशिवरात्रि पर दूर दूर से बहुत दूर दूर से इतनी बडी संख्या मे लोग यंहा दर्शन पूजन भ्रमंण के लिए लोग पंहुच जाते है कि – यंहा भक्तों का भव्य मेला भर जाता है ।
माशिवरात्रि पर भक्तों केे सौजन्य से भक्तों के द्वारा पधारने वाले भक्तों के लिए जगह जगह पर भोग -भंडारा-प्रसाद वितरंण होते रहता है जिसका लाभ अर्जित कर अंत:करंण तृप्त हो जाता है और लोग खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस करते हैं महाशिवरात्रि पर पधारकर !
तो- इस बार आप भी आईए पधारिए अपने परिवार जन एवं ईष्ट – मित्र संग और औघढवरदानी से मनवांछित कामना के पूर्ण होने का आशीष अर्जित करते आत्मविभोर कर देने वाले अल्हादकारी -अविस्मरणींय आनंद की मधुर स्मृति को सहेज कर ले जाईये जो आपको जीवन भर स्मरंण मात्र से आनंदित कर दिया करेगा

