
*अब रेत खदानों के संचालन का अधिकार पंचायतों को मिला, राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना*
*कोण्डागांव, 08 फरवरी 2023/*राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अनुसूचित क्षेत्र अंतर्गत आने वाली रेत खदानों के संचालन का अधिकार पंचायतों को दिया गया है। इस हेतु संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा रेत खदान संचालन हेतु नक्शा, खसरा सहित आवेदन प्रारूप में एक हजार रूपये के आवेदन शुल्क गैर वापसी योग्य के साथ कार्यालय कलेक्टर खनिज शाखा कोण्डागांव मेें प्रस्तुत किया जाना होगा। अनुसूचित क्षेत्रों में साधारण रेत का क्षेत्र घोषित करने के लिए ग्रामसभा का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किया जाना अनिवार्य किया गया है। जिला स्तरीय समिति की राय अनुसार रेत खनन क्षेत्र का चिन्हांकन कर निरीक्षण प्रतिवेदन लिये जाने के पश्चात कलेक्टर द्वारा रेत खदान घोषित किया जावेगा तथा उसे विशिष्ट नाम दिया जायेगा। खदान घोषित किये जाने के 15 दिवस के भीतर संबंधित पंचायतों को 25 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर या उसके किसी भाग के लिये कार्यपालन प्रतिभूति राशि चालान के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा तत्पश्चात कलेक्टर द्वारा आशय पत्र जारी किया जावेगा। संबंधित पंचायत को एक वर्ष के भीतर अनुमोदित उत्खनन योजना एवं पर्यावरण स्वीकृति एवं अन्य आवश्यक सहमति अनुमतियां प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सभी अनिवार्य शर्तो को पूरा करने के पश्चात 5 वर्षो के लिये रेत खदान हेतु पट्टा प्रदान किया जायेगा, पट्टा प्राप्त होने पर 90 दिवस के भीतर अनुबंध निष्पादन कराया जाना होगा। रेत खदान संचालन करने लिये पंचायतों को निर्धारित रेत रायल्टी उच्चतम निर्धारित मूल्य प्रति घन मीटर की दर से सीधे पंचायत राज के शीर्ष में जमा कर तथा डीएमएफ की राशि, पर्यावरण एवं विकास उपकर तथा चालान खनिज शााखा में प्रस्तुत करने के पश्चात रेत परिवहन हेतु अभिवहन पास जारी किया जावेगा। यदि ग्राम पंचायत रेत खदानों का संचालन करने में रूचि नही लेती है तो उसी पंचायत के यथा स्थान पंजीकृत स्व-सहायता समूह अथवा स्थानीय बेरोजगार की कोआॅपरेटिव सोसायटी द्वारा रेत खदान का संचालन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा, किंतु इस हेतु ग्रामसभा का अनुमोदन भी आवश्यक होगा। इस प्रकार आवेदन प्राप्त होने पर जिला कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय समिति के माध्यम से आवेदन पर विचार करने के पश्चात उन्हे खदान संचालन हेतु अधिकृत किया जा सके

