प्रभारी सचिव श्री भीमसिंह ने ली विकास कार्यों एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक

*प्रभारी सचिव श्री भीमसिंह ने ली विकास कार्यों एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक*
*एनीमिया मुक्त कोण्डागाँव अभियान सहित सुपोषण अभियान को बेहतर ढंग से संचालित करने के निर्देश*
*फ्लैगशिप योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन कर आशातीत उपलब्धि हासिल करें-प्रभारी सचिव श्री भीमसिंह*
इमरान पारेख कि खबर
*कोण्डागांव, 10 नवम्बर 2022/* संचालक स्वास्थ्य सेवाएं तथा जीएसटी कमिश्नर एवं प्रभारी सचिव श्री भीमसिंह ने कलेक्टोरेट में आयोजित विकास कार्यों एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान जिले में एनीमिया मुक्त कोण्डागाँव अभियान और सुपोषण अभियान को पूरा ध्यान केंद्रीत कर बेहतर ढंग से संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने इस दिशा में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वय कर लक्षित बालिकाओं एवं महिलाओं और बच्चों तथा माताओं को लाभान्वित किये जाने कहा। वहीं राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन कर आशातीत उपलब्धि हासिल किये जाने के निर्देश दिये। वर्तमान में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के तहत किसानों को आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराये जाने सहित धान खरीदी के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा।
*रबी फसलों हेतु वर्मी कम्पोस्ट के प्रयोग को करें प्रोत्साहित*
प्रभारी सचिव श्री भीमसिंह ने बैठक में राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं नरवा-गरवा, घुरवा एवं बाड़ी, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना,मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना इत्यादि के क्रियान्वयन स्थिति की विस्तारपूर्वक जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौठानों में गोबर की नियमित खरीदी सुनिश्चित कर वर्मी कम्पोस्ट खाद उत्पादन को बढ़ावा दी जाये और उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट खाद का विपणन कराया जाये। किसानों को रबी फसल के लिए वर्मी कम्पोस्ट खाद का उपयोग करने प्रोत्साहित किया जाये। किसानों को समयपूर्व वर्मी कम्पोस्ट खाद की उपलब्धता हेतु सहकारी समितियों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट खाद का अग्रिम उठाव किया जाये। उन्होंने गौठानों में मल्टी एक्टिविटी से अधिकाधिक स्व सहायता समूहों को जोड़ने सहित उनके आय संवृद्धि के लिए सकारात्मक पहल किये जाने कहा। प्रभारी सचिव श्री भीमसिंह ने ग्रामीण औद्योगिक पार्क में स्थानीय सम्भावनाओं के अनुरूप उद्यमों एवं आयमूलक गतिविधियों के जरिये उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि इस हेतु अधोसंरचना विकास सहित अन्य सुविधाएं उद्यमियों एवं स्व सहायता समूहों को उपलब्ध कराया जाये।
*एनीमिया मुक्त कोण्डागांव ऐप की प्रभारी सचिव ने की सराहना*
प्रभारी सचिव ने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत पोषण पुनर्वास केन्द्रों पर कुपोषित बच्चों को उपचारार्थ भर्ती करने तथा उपचार के पश्चात सम्बन्धित बच्चों का फॉलोअप करने पर बल देते हुए कहा कि गम्भीर कुपोषित बच्चों को सर्वप्रथम एनआरसी में भर्ती किया जाये। इस हेतु रोस्टर तैयार कर पोषण पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध स्थानों के अनुरूप भर्ती करने प्रक्रिया सुनिश्चित किया जाये। वहीं सम्बन्धित बच्चों को पूरी अवधि तक एनआरसी में उपचार कराये जाने सहित उपचार के बाद घर में बच्चे के खानपान, स्वास्थ्य इत्यादी का समुचित ध्यान रखने बच्चों के परिजनों को समझाईश दी जाये। इस दिशा में स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले द्वारा सम्बन्धित बच्चों का फॉलोअप भी समय-समय पर किया जाये। उन्होंने सुपोषण अभियान के तहत लक्षित बच्चों एवं माताओं को दी जाने वाली पोषण आहार, गर्म भोजन, रेडी टू ईट आहार, अंडे-चिक्की के बारे में जानकारी ली और रागी में पौष्टिक तत्व की अधिकता के मद्देनजर रागी का हलवा एवं लड्डू लाभार्थियों को परोसने कहा। प्रभारी सचिव ने एनीमिया मुक्त कोण्डागाँव अभियान के अंतर्गत सर्वप्रथम गर्भवती माताओं का हीमोग्लोबिन एवं अन्य जांच सुनिश्चित करने कहा और चिन्हित किशोरी बालिकाओं, माताओं एवं महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने हेतु व्यापक पहल किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने एनीमिया मुक्त कोंडागाँव अभियान के मॉनिटरिंग हेतु तैयार एप्प की सराहना करते इसे उपयोगी निरूपित किया। प्रभारी सचिव ने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजनान्तर्गत सभी हाट-बाजार को कव्हर करने सहित हरेक शिविर में अधिकाधिक ग्रामीणों के स्वास्थ्य जांच एवं अन्य जांच कर उन्हें उपचार सुविधायें मुहैया कराये जाने कहा। उन्होंने इस योजना के उद्देश्य के अनुरूप दूरस्थ ईलाकों के ज्यादातर ग्रामीणों को लाभान्वित किये जाने संवेदनशीलता के साथ पहल करने के निर्देश दिये।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने जिले के विकास कार्यों और योजनाओं-कार्यक्रमों के कार्यान्वयन स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिले के 278 गौठानों में गोबर खरीदी सहित वर्मी कम्पोस्ट खाद उत्पादन किया जा रहा है और वर्मी कम्पोस्ट का वन, उद्यानिकी, कृषि विभाग के अलावा मनरेगा के कार्यों में उपयोग करने सहित किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले के 140 गौठानों में मल्टी एक्टिविटी संचालित है और उक्त मल्टी एक्टिविटी में 300 से ज्यादा स्व सहायता समूहों की महिलाएं जुड़ी हैं। इन महिलाओं ने अपने आयमूलक गतिविधियों से अब तक 87 लाख रुपये से ज्यादा लाभांश अर्जित किया है। जिले के सी-मार्ट में कोकोनट ऑयल, कुकीज, अगरबत्ती, तिखुर शेक, इत्यादि स्थानीय उत्पाद सहित अन्य जिलों के उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है। इस सी-मार्ट से जिले के आश्रम-छात्रावासों एवं अन्य आवासीय विद्यालयों के बच्चों के लिए हर महीने 30 लाख रुपये से अधिक की आवश्यक सामग्री की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने ग्रामीण औद्योगिक पार्क के उद्यमों, प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी यूनिट की जानकारी दी। वहीं मत्स्यपालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु किये जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। कलेक्टर श्री सोनी ने प्रभारी सचिव के मार्गदर्शन में आगामी दिनों में जिले के समग्र विकास हेतु बेहतर प्रदर्शन करने आश्वस्त किया। बैठक में डीएफओ दक्षिण कोण्डागांव श्री आरके जांगड़े, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रेमप्रकाश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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