
इमरान पारेख कि खबर
आमदाई लौह खदान खुलने से विकास और रोजगार की जगी आस अब निराशा में तब्दील होती दिख रही है। ग्रामीण माइंस संचालन में लगी कंपनी निक्को जयसवाल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। और क्षेत्र के ग्रामीणों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं।
*वीवो* तमाम कठिनाइयों के बाद बड़ी मुश्किल से विगत वर्ष 2022 में आमदाई लौह खदान में माइनिंग निजी कंपनी निक्को जयसवाल ने आरंभ की, जिसके बाद से इलाके के ग्रामीणों को माइंस प्रबंधन द्वारा माइनिंग से रोजगार और विकास के सपने भी दिखाए गए। लेकिन माइंस संचालन के सालो बीत जाने के बाद ग्रामीणों में माइंस संचलन कंपनी को लेकर व किए वादों को लेकर काफी नाराजगी का आलम है। ग्रामीण नारायणपुर ओरछा मुख्यमार्ग की दुर्दशा और सड़क दुर्घटनाओं का कारण माइंस के सैकड़ों भारी वाहनों को ठहरा रहे हैं। साथ ही क्षेत्र के विकास व रोजगार के क्षेत्र में निक्को जयसवाल को गैर जिम्मेदार और वादे से मुकरने वाला करार दिया है। ग्रामीणों ने निक्को कंपनी पर आरोपों की झड़ी लगा दी है। सड़क की दुर्दशा को सुधारने जिला प्रशासन डामर रोड पर मुरम डाल कर राहगीरों की समस्या और भी बढ़ा दी है जिस वजह से आए रोज सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिला रहा है। वही ग्रामीण लगातार हो रहे पलायन का कारण माइंस में रोजगार नही मिलने को बता रहें हैं। सभी सावलो पर माइंस प्रबंधन बचता रहा है।

