*छत्तीसगढ मे विद्यालय 1 जुलाई से प्रारंभ हो —संयुक्त कर्मचारी परिषद केसकाल——————–*
केशकाल। राज्य में भीषण गर्मी के मौसम के चलते पारा 40 डिग्री से कम नहीं हो रहा है। इस तरह की उच्च तापमान के बीच 18 जून से स्कूल खुलने की योजना ने राज्य में चिंता बढ़ा दी है। उत्तरप्रदेश की तरह, छत्तीसगढ़ में भी स्कूलों को 25 जून तक बंद रखने की मांग उठाई जा रही है। लेकिन छत्तीसगढ मे वहा से ज्यादा गर्मी के चलते 1 जुलाई से विद्यालय प्रारंभ हो। यह मांग करते हुए संयुक्त कर्मचारी परिषद केसकाल ने ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाने से छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। क्योकि सुबह 10 बजे से 4 बजे तक भीषण गर्मी मे बच्चो के साथ शिक्षको को भी बडी परेशानी होगी। उल्लेखनीय हो कि नवतपा के समय आयोजित रायपुर राजधानी मे शिव पुराण की कथा मे पहले दिवस 40 लोग बेहोश हो गये एवम 6 लोगो की अकाल मौत हो गयी।
गर्मी के कारण छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी के मौसम के दौरान छात्रों की स्वास्थ्य और कल्याण की देखभाल के लिए सरकार को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की उम्मीद है और शीघ्र निर्णय लेने की अपील की जा रही है। गर्मी के मौसम में छात्रों की सुरक्षा और भलाई के लिए सही कदम उठाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाने के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल का समर्थन करने वाले अनेक स्थानीय शिक्षा संगठनों और छात्र एवं अभिभावक संगठनों ने भी इस मामले में अपनी आवाज उठाई है।संयुक्त कर्मचारी परिषद केसकाल के संयोजक व कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के सह संयोजक लोकेश गायकवाड़ ने राज्य शासन से विद्यालय समय मे परिवर्तन कर 1 जुलाई 2024 से सुबह 10.30 से 4.30 तक लगाये जाने की मांग की है।
पालकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द से जल्द इस मुद्दे पर निर्णय लेकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। क्योंकि पालक भी चिंतित है।

