
केशकाल। प्रांतीय निर्देशानुसार आज दिनाँक 04/09/2023 (सोमवार) को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य कर्म. पर की जा रही दमनात्मक कार्यवाही के खिलाफ..

विकासखंड स्तर पर छ.ग. कर्म.अधि.फेडरेशन केसकाल द्वारा भोजनावकाश मे ..मा. मुख्यमन्त्री के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी श्री शंकर लाल सिन्हा जी को अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन जिला कोडागांव के सह संयोजक लोकेश गायकवाड़ , जिला प्रवक्ता पाशा अली ,छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के विकास खण्ड केसकाल के अध्यक्ष निर्मल तिवारी व संयुक्त शिक्षक संघ विकासखंड के अध्यक्ष अमित मंडावी ने सौंपा। इस अवसर पर कार्यालय मे तहसीलदार महोदय आशुतोष शर्मा भी उपस्थित रहे… उक्त मांग पत्र मे जिला सह संयोजक, जिला प्रवक्ता के साथ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन केसकाल के अध्यक्ष प्रकाश साहू के भी हस्ताक्षर है उक्त पत्र अनुसार विषयान्तर्गत लेख है कि छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन से संबद्ध 12 संगठनों द्वारा वेतन विसंगति सहित 5 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर 21 अगस्त से शासन को विधिवत सूचना देकर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर है। आंदोलन में शामिल स्वास्थ्य चिकित्सक, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (ए.एन.एम. / एम.पी.डब्ल्यू.) एवं नर्सिंग संवर्ग से जुड़े समस्त कर्मचारी संगठन लगातार शासन को अनेक बार आवेदन, निवेदन व उच्च पदस्थ अधिकारियों से समक्ष भेटकर निराकरण करने हेतु अनुरोध करते आ रहे विभाग के द्वारा किसी भी तरह की सुनवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें आदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन संगठनों के द्वारा पूर्व में किये गये आंदोलन को संज्ञान में लेते हुए शासन स्तर पर कमेटी भी बनाई गई है। लेकिन कमेटी द्वारा आज दिनांक तक रिपोर्ट को शासन को नहीं सौपी गई है।
प्रदेश की आम जनता भली भांति जानती है कि वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश के चिकित्सक, नर्सिंग संवर्ग एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर हजारों लोगों को मौत के गाल में समाने से बचाये थे। प्रदेश के अनेक स्वास्थ्य कर्मी आम लोगों की सेवा करते हुए कोरोना से संकमित होकर इस दुनिया से चले गये। प्रदेशभर में कोरोना योद्वाओं के सम्मान में फूलों की वर्षा कर तालियां बजाकर जगह जगह सम्मान दिया गया था। शासन द्वारा कोरोना योद्धाओं के सम्मान में कई वादे भी किये गये, लेकिन ये वादे सिर्फ कागजी कार्यवाही तक सिमट कर रह गये।
प्रदेश सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन से संवाद कर मांगों के निराकरण करने के बजाय ऐसे कोरोना योद्धाओं के खिलाफ एरमा कानून के तहत निलंबन, बर्खास्तगी एवं एफ.आई.आर. की कार्यवाही की जा रही है। सरकार द्वारा इस तरह की दमनात्मक कार्यवाही से आम लोगो में आकोश भी बढ़ते जा रहा है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन इस तरह की कार्यवाही का भर्त्सना करते हुए घोर निंदा करता है lछत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री से अनुरोध करता है कि छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के हड़ताली कर्मचारियों के विरूद्ध की गई दमनात्मक कार्यवाही को वापस लेते हुए परस्पर संवाद के माध्यम से सभी जायज मांगों के समाधान करने हेतु यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करेंगे।यह जानकारी मीडिया प्रभारी रोशन हिरवानी ने एक भेट मे दी

