केशकाल | सरकार एवं विभाग द्वारा सुनिश्चीत भोजन की जगह अधिक से अधिक बचत कर लेने की मंशा से कक्षा पहली से कक्षा पांचवी तक के पढने वाली कन्याओं के कन्या आश्रम में रहने वाली नन्ही बच्चीयों को उनके मुंह में छाला होने के बावजूद उन्हे चटनी के सांथ भात खाने विवश करने वाले कोंडागांव जिला के फरसगांव ब्लाक के कन्या आश्रम

केशकाल | सरकार एवं विभाग द्वारा सुनिश्चीत भोजन की जगह अधिक से अधिक बचत कर लेने की मंशा से कक्षा पहली से कक्षा पांचवी तक के पढने वाली कन्याओं के कन्या आश्रम में रहने वाली नन्ही बच्चीयों को उनके मुंह में छाला होने के बावजूद उन्हे चटनी के सांथ भात खाने विवश करने वाले कोंडागांव जिला के फरसगांव ब्लाक के कन्या आश्रम – हिर्री का मामला सोशल मिडिया मे उठाते चाईल्ड हेल्प लाईन को तथा संबधित सक्षम अधिकारियों को अवगत कराया गया ।
जिसके चलते फरसगांव की एस.डी.एम. ने तहसीलदार एवं बी.एम.ओ. के सांथ उक्त आश्रम में पंहुचकर स्थिती का जायजा लेते बच्चीयों से जानकारी लिया और उनका स्वास्थ्य परीक्षंण भी करवाया । इस दरम्यान आश्रम की अधिक्षीका आश्रम से नदारत मिली ।
उल्लेखनिय है कि – फरवरी को सोशल मिडिया के माध्यम से ही केशकाल के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णदत्त उपाध्याय को प्राथमिक कन्या आश्रम मे रहकर पढने वाली बच्चीयों की बदहाली की जानकारी मिली । जिसके बाद उन्होने तुरंत आश्रम में रहने वाली बच्ची के पिता से संपर्क कर वस्तुस्थिती की जानकारी लिया । आश्रम मे बच्चीयों को प्रदान किये जाने वाले सुविधा से बच्चीयों को वंचित रखने और लगभग आधे बच्चीयों के मुंह मे छाला होने के बावजूद भोजन मे चटनी भात देने की जानकारी मिलने पर द्रवित दुखीत होकर उन्होने सोशल मिडिया के माध्यम से ही फरसगांव एस.डी.एम. , सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं अन्य अधिकारी को जानकारी देते हुए इस बात की शिकायत चाईल्ड हेल्प लाईन 1098 पर किया और सोशल मिडिया में वायरल भी कर दिया ।
जिस पर अधिकारियों ने पूरी संवेदनापूर्वक गौर किया और एस.डी.एम.सीमा ठाकुर फरसगांव के तहसीलदार यू.के.मानक तथा महिला चिकित्सक के सांथ जांच करने कन्या आश्रम हिर्री पंहुच गई | जब एस.डी.एम. कन्या आश्रम पंहुची उस समय आश्रम अधिक्षीका आश्रम से नदारत रही । ग्राम पंचायत के उपसरपंच बालचंद वैद्य एवं
और वंहा पर जिनकी बच्ची रहकर पढाई कर रही है ऐसे पिता पालक भी पंहुच गये थे । बच्चीयों से एस.डी.एम. ने पूछताछ किया जिसमे यह खुलासा हो गया की उन्हे भोजन तय मैनू के अनुसार नहीं दिया जा रहा है । एस.डी.एम.के सांथ पंहुची महिला चिकित्सक ने बच्चीयों का स्वास्थ्य परीक्षंण किया जिसमे कई बच्चीयों का स्वास्थ्य ठिक न होना तथा मुंह मे छाला होना पाया गया जिन्हे तुरंत दवा भी दिया गया ।
जांच उपरान्त अब क्या कार्यवाही किया जाता है यह इन पंक्तियों के लिखे जाने तक सुनिश्चीत नहीं हो पाया है । कन्या आश्रम के बदहाल व्यवस्था के लिए आश्रम की अधीक्षका को दोषी मानने वाले पालकों तथा स्थानिय पंचायत पदाधिकारियों का कहना है की अधीक्षीका को यंहा से हटाने से ही हालत में सुधार आ पायेगा ।

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