
केशकाल | छत्तीसगढ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक का पदभार ग्रहंण करने के बाद संजय शुक्ला
का केशकाल में प्रथम आगमन आज 8 दिसंबर को होने वाला है |
संजय शुक्ला के आगमन को देखते हुये टाटामारी में खासतौर पर साफ सफाई एवं रंगरोगन कराते पौधों के पास गोडाई किया जा रहा है ताकि नये पी.सी.सीफ साहब टाटामारी से दिखने वाले नयनाभिराम प्रकृति के विहंगम दृश्य को देखकर और टाटामारी के हरे भरे पेड पौधों की सुंदरता में मुग्ध होकर चल रहे ” जंगलराज ” की तरफ ध्यान देवें ।
*नवपदस्थ डी.एफ.ओ. व्यवस्था सुधारने मे जुटे*—
अभी हाल में ही पदस्थ हुये डी.एफ.ओ. गुरूनाथन एन. ने पदभार ग्रहंण करते ही विभागीय काम काज के ढर्रे को तथा विभागीय प्रशासन को चुस्त दुरूस्त करने में पूरे मनोयोग से जुटे हुये हैं । नवपदस्थ डी.एफ.ओ.के कार्यशैली से आम जन मेऔर विभागीय कर्मचारियोंं मे भी यह उम्मीद बंधी है की अब विभाग मे काम मे सुधार आयेगा और शासन तथा जिला प्रशासन से मिलने वाले धनराशि का सदुपयोग होगा |
*गबन घोटाला के लिये सुर्खियों मे रहने वाला केशकाल वनमंडल*–
केशकाल में वनमंडल कार्यालय खुलने के बाद से प्रमोटिव तथा प्रभारी वनंंमडलाधिकारी का ही बोलबाला रहा है जिनके कार्यकाल मे प्राप्त आबंटन का बंदरबांट मनमाने ढंग से होने को लेकर केशकाल वनमंडल अधिकांश समय सुर्खियों में बना रहा। अभी तक डायरेक्ट आई.एफ.एस.अधिकारी के बतौर केवल धम्मशील गंणवीर को और अभी अभी गुरूनाथन एन. को पदस्थ किया गया है।
धम्मशील गंणवीर दोनो बार पदभार ग्रहंण करते ही ईमानदार पारर्दर्शी व्यवस्था कायम करते समस्त भुगतान आन लाईन करा दिया था । आनलाईन भुगतान व्यवस्था ग्रामींण और मजदूर खुश थे पर जो प्राप्त आबंटन में बंदरबांट के हिमायती थे वो हिस्सा न मिलने से दुखी जरूर हो गये थे । धम्मशील गंणवीर को दोनो बार महज उनके द्वारा स्थापित ईमानदार पारदर्शी व्यवस्था के चलते हटा दिया गया था । उनके जाते ही आनन फानन नगद भुगतान व्यवस्था प्रारंभ करके फिर से मंशानुकुल बंदरबांट करना आरंभ कर दिया गया जो निवर्तमान डी.एफ.ओ. श्री जांगडे के पदस्थीकाल तक कायम रहा। अब लोगों की निगाहें इस ओर टिकी है नवपदस्थ डी.एफ.ओ. गुरूनाथन एन. किस तरह की व्यवस्था कायम करते हैं ।
*पी.सी.सी.एफ गबन घोटाला की दास्तान संजोये कच्ची सडक से ही पधारेंगे*—
पी.सी.सी.एफ राजधानी रायपुर से केशकाल तक राष्ट्रीय राजमार्ग 30 से चलते हुये एवं लोकनिर्माण के बनाये डामरीकृत भंगाराम मार्ग से चलते हुये ज्यौं ही अपने विभाग के कच्चे मार्ग पर पदार्पण करेंगे वंही से अपने विभागीय करिंदों के भर्राशाही भ्रष्टाचार गोलमाल के धुल का गुबार से आमने सामने होंगे| जिस कच्ची सडक से सी.सीएफ. की कार गुजरेगी उस कच्ची सडक पर पक्की कांक्रिट सडक बनाने के लिये जिला खनिज न्यास निधि से धनराशि स्वीकृत हो चुका है और सडक निर्मांण कार्य प्रगति पर है दर्शाकर प्राप्त आबंटन का नब्बे फिसदी राशि डकार भी लिया गया है । बस इतना ही नहीं कांक्रिट सडक बनाने के बाद सडक के दोनो तरफ मुरूम डालकर पटरी बनाने हेतु जिला खनिज न्यास निधि से प्राप्त राशि निकाल लिया गया है ।
पी.सी.सी.एफ साहब को टाटामारी प्रवास के दरम्यान जिला खनिज न्यास निधी से पेय जल व्यवस्था हेतु ओव्हर हेड वाटर टैंक बनाने मिली घनराशि से बनवाये गये वाटर टैंक का पतासाजी भी कर लेना चाहिये । क्योंकि वाटर हैड टैंक बना देने के नाम से प्राप्त थनराशि का निपटारा कर लिया गया है ।
टाटामारी में काम कराने के लिये विभाग द्वारा और जिला प्रशासन द्वारा उदारता पूर्वक धनराशि लगातार दिया जा रहा है पर प्राप्त आबंटन का बंदरबांट कर लेने की परंपरा के चलते स्वीकृत काम किया नही गया और जो काम स्वीकृत भी नहीं हो पाया वो करवा लिया गया | टाटामारी में वर्ष 2020 में तत्कालीन रेंजर एस.डी.ओ.ने दुर्ग के ओमप्काश चौहान को बुलवाकर उससे सलेक्शन घास और पौधा लगवा लिया । घास और पौधा लगाकर जब उसके द्वारा बिल देकर पैसा मांगा गया तो कह दिया गया स्वीकृति नही आया है स्वीकृति और आबंटन आने पर तूम्हे तुम्हारे किये काम का भुगतान हो जायेगा । 2020 में काम करके घास एवं पौधे के पैसे की मांग करते ओमप्रकाश चौहान इस साहब उस साहब के दर दस्तक देते फरियाद कर रहा है । मुख्यमंत्री के प्रवास के दरम्यान भी टाटामारी मे आनन फानन में बगैर स्वीकृति के काम करवा लिया गया जो अभी तकभुगतान प्राप्त करने चक्कर दर चक्कर काट रहे हैं।
*बगैर प्रमांणक के लाखों लाखों का चेक काटकर चलते बने*—
दंतेवाडा में पदस्थ रहते फर्जी तालाब निर्माण कराने फर्जी पौधारोपंण कराने के आरोप में विभागीय जांच में दोषी सिद्ध हो चुके वन अधिकारी को सांठगांठ की बदौलत कार्यवाही से बचाये रखते केशकाल वनमंडल में पदस्थ कर दिया गया था । जिन पर अब गबन घोटाला के अनेक आरोंपो के बीच यह भी गंभीर आरोप लगाया जा रहा है की उन्होने कैम्पा मद से सामग्री सप्लाई कर्ताओं के नाम से लाखों लाखों रूपया लगभग 60-70लाख रूपया का चेक काट लिया और उसका बिल व्हाउचर भी कार्यालय से ले गये हैं जिसकी जांच होने पर पु्ष्टि हो सकती है| इसके अलावा भी आर्थिक अनियमितता एवं गबन धोटाला का अनेक मामला है जिसका भौतिक सत्यापन कराने की जरूरत है !
देखना यह है की प्रथम प्रवास पर पधार रहे नव पदस्थ प्रधान मुख्य वन संरक्षक ईको पर्यटन के लिये
प्रसिद्ध टाटामारी में प्रकृति की अनुपम छटा और उस पर मंडराती काली घटा को ही देखकर तरोताजा होकर चले जाते है की अपने विभागी ढोल के पोल को पर भी गौर करते हुृये ” जंगलराज ” के लिये बदनाम विभाग को नई चमक दमक देने के लिये भी कोई भागीरथी प्रयास प्रारंभ करने की उम्मीद जगाते हैं|

