शांति फाउंडेशन के द्वारा उच्च स्तरीय इलाज के लिए 8 मानसिक बीमारों को भेजा गया सैलरी

इमरान पारेख कि खबर

गौरतलब है कि जिला प्रशासन के द्वारा चलाए जा रहे योजना संवेदना के अंतर्गत आज दिनांक 19/9 / 2022 दिन सोमवार आठ मानसिक बीमार लोगों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए सेंदरी सुधार ग्रह बिलासपुर भेजा गया है जिसमें 4 महिला और चार पुरुष है जिसमें मात्र 3 लोगों के ही परिवार की जानकारी है बाकी वह है जो सालों से सड़कों पर घूम रहे हैं जो अपने परिवार की जानकारी नहीं बता पा रहे हैं इलाज के बाद जब यह लोग अपने परिवार की जानकारी बताते हैं तो ऐसे लोगों को उनके परिवार तक देश के किसी भी कोने तक पहुंचाने में जिला प्रशासन व शांति फाउंडेशन का टीम सहयोग करता है आज हजारों मानसिक बीमार ठीक होकर समाज के मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं वह आज पूरे प्रदेश में कोंडागांव एक ऐसी जिले के रूप में उभर रहा है जहां वह व्यक्ति ना जिसका परिवार है ना जिसका कोई अपना है जो सड़कों पर दर-दर का ठोकर खाकर भटकने पर मजबूर है आज वह इस शहर में आने के बाद यह शहर के लोग ही उसके परिवार हो जाते हैं एक ऐसी शहर के परिकल्पना जिला कलेक्टर महोदय के द्वारा की गई है कि आज माननीय कलेक्टर महोदय के द्वारा चलाए जा रहे प्रोग्राम संवेदना हजारों मानसिक बीमार लोगों को एक नया जीवन दे रहा है इसे हम पुनर्जन्म भी कहे तो वह कम नहीं होगा यह समाज का वह तबका है जो सालों से सड़कों पर भटकने में मजबूर थे जिनके हाथ पैरों में कीड़े लग गए होते हैं उस हालत पर यह दर दर की ठोकर खाकर यहां वहां भटकते फिरते हैं आज वह लोग इस शहर के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में इस शहर में देखने को मिलता है कि आज यह लोग शहर को सजाने के लिए जगह-जगह पौधे लगाते हुए आपको हर सवेरे दिख जाएंगे शहर को साफ सफाई करते हुए हर सवेरे आपको यह दिख जाएंगे शहर को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए अभियान चलाते हुए हर सवेरे ही आपको दिख जाएंगे आज वह व्यक्ति जिन्हें देखकर लोग रास्ता बदल दिया करते थे आज वह लोग समाज को अपने इलाज के बदले बहुत बड़ा उपहार दे रहे हैं यह सिर्फ और सिर्फ जिला कलेक्टर की परिकल्पना है कि आज यह लोग समाज के मुख्यधारा में जुड़कर समाज जन जीवन सुरक्षा और अधिकार पा रहे हैं आज सड़कों पर वह परिवार भी मिलते हैं जिन परिवारों का वह परिवार खोज कर जब थक जाते हैं तो उनका अंतिम क्रिया कर्म भी कर लिए होते हैं आज जब वह परिवार अपने परिवार से मिलते हैं तो वह खुशी देखते बनती है वह परिवार के चेहरों पर जब अपने कई सालों से बिछड़े हुए परिवार अपने भाई बहन मां बाप से जब वह परिवार मिलता है तो वह दुआओं में इस जिले को याद करता है कि यह जिले का सोच है कि हमारा परिवार आज कई सालों के बाद हमें दोबारा देखने को मिला और कई सालों के बाद हम अपने परिवार के साथ फिर से एक नया जीवन जी पा रहे हैं इस कार्य में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का भी संपूर्ण सहयोग हमेशा से रहा है जिसमें समाज कल्याण विभाग के अधिकारी श्रीमती ललिता लाकड़ा का कहना है कि यह समाज के तबके हैं जिन्हें लोग छूना और देखना तक पसंद नहीं करते आज इन्हें एक नया जीवन मिला अपने आप में बहुत बड़ी चुनौती और अपने आप में एक बहुत बड़ी कामयाबी भी है कि आज ऐसे लोग जिन्हें लोग देखना जिनके साथ लोग बैठना पसंद नहीं करते थे आज हम जब पुनर्वास केंद्र जाते हैं तो वहां इनके साथ बैठकर घंटों बातें करते हैं इनके साथ बैठकर चाय पीते हैं इनके साथ बैठकर नाश्ता करते हैं आज वह दिन तय कर लिया गया है कि यह लोग भी आपके और हमारे जैसे समाज की एक मुख्य अंग है यह लोग भी समाज में उतनी ही स्थान रखते हैं जितना आपका और हमारा है पुलिस प्रशासन के द्वारा भी हमेशा से इस पुनीत कार्य में जितना हो सके सहयोग मिलता रहा है
आज सौभाग्य की बात यह भी है कि जो कल खुद सेंदरी सुधार ग्रह बिलासपुर से ठीक हो कर आए थे आज वही मानसिक बीमार लोग अपने ही जैसे किसी मानसिक बीमार को इलाज के लिए एंबुलेंस में बैठा कर उनका देखरेख करते यहां से बिलासपुर तक ले जाते हैं इससे बड़ी उदाहरण और कुछ नहीं हो सकती समाज के बदलाव का कि वह मानसिक बीमार जो कल खुद संस्था के लोगों ने उठाकर इलाज के लिए ले गए थे आज वह खुद दूसरों को इलाज के लिए ले जाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं यह इस समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि है
जिस पर संस्था के संचालक यतींद्र सलाम ने कहा कि हमें समाज को बदलना है यह समाज हम सभी की जवाबदारी है यह भी किसी के भाई हैं यह भी किसी के परिवार है यह भी किसी की बहन है इन्हें भी जीने का उतना ही हक है जितना जीने का हमें हक है जिन्हें लोग कुछ के लायक भी नहीं समझा करते थे आज वह लोग इस शहर को सजाने में अपनी सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है आज पुनर्वास केंद्र में लगभग दस हजार से अधिक पौधे तैयार किये गए है जो शहर के जगह-जगह स्थानों पर हर दिन लगाए जा रहे हैं आने वाले समय में यह लोग इस शहर के लिए इस समाज के लिए एक बहुत बड़ी भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे इलाज के लिए भेज रहे मरीजों को को भेजने पर सभी सदस्य मौजूद रहे आकाश सोनी विजय यादव हेमंत पटेल पूनम सिन्हा , ईरान दाई मरकाम, कविता नाग ,शैलेंद्र पटेल , कौशल्या बोस , पिंटू शोरी, रमेश उसेंडी

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