
इमरान पारेख कि खबर…………..
*हरे भरे बेशकीमती वृक्षों की अवैध कटाई पर वन विभाग गंभीर नहीं , बडेडोंगर के बाद केशकाल परिक्षेत्र मे भी अंधाधुंध कटाई का आया मामला* केशकाल। केशकाल वन मंडल अंर्तगत बडेडोंगर वन परिक्षेत्र एवं फरसगांव तहसील क्षेत्र में 11-12मई को छत्तीसगढ राज्य का राजकिय वृक्ष घोषित साल के विशालकाय वृक्षों की बडी संख्या मे कटाई किये जाने की जानकारी वनमंडलाधिकारी से लेकर सी सी एफ कांकेर तथा मुख्यालय में बैठे पी सी सी एफ तक को सोशल मिडिया से जानकारी दिया गया था | जिस पर प्रभावी कार्यवाही न होने से केशकाल वनमंडल क्षेत्र जंगल कटाई करके वन भूमि पर कब्जा करने वालों का हौंसला बढा है और पूरे वनमंडल क्षेत्र में तेजी से कटाई चल रहा है | बडेडोंगर के अवैध कटाई पर वन विभाग कार्यवाही कर पाता की उसके पहले केशकाल वनमंडल से सटे हुऐ बोरगांव में बकायदा रोजी में मजदूर लगाकर खुलेआम सागौन प्लांटेशन की भूमि पर काबिज होने की मंशा से एक सरकारी कर्मचारी द्वारा हरे भरे सागौन के बेशकीमती प्लांटेशन को सफाचट करा दिया गया | जिस पर भी वन विभाग के अधिकारी ठोस कार्रवाई करने से बचते घटित वन अपराध के मुख्य को बचाने की कवायद करते रहे | बेशकीमती साल वृक्षों तथा सागौन प्लांटेशन पर आज तक वन अधिकारी गोल मोल जवाब देकर पल्ला झाडने की कोशिश कर रहे हैं| केशकाल के वनमंडलाधिकारी न अपने वन मंडल क्षेत्र का दौरा करते हैं और न अवैध कटाई होने का मामला आने पर वंहा तक जाकर देखने का कष्ट ही उठाते हैं | जब वनमंडलाधिकारी को बडेडोंगर वन परिक्षेत्र में हुऐ साल वृक्षों के अवैध कटाई की खबर दिया गया था तब वनमंडलाधिकारी ने मौके पर जाकर मुआयना करने की बजाय जानकारी देने वालों को ही यह असत्य भ्रामक जानकारी दे दिया गया की जंहा कटाई हुई है वह वन क्षेत्र वन विकास निगम में आता है| जिसके बाद वन विकास निगम वालों ने अपना पल्ला जागते यह बता दिया कि वह क्षेत्र राजस्व विभाग में आता है | जिसके बाद राजस्व विभाग का दल जांच करने मौके पर पंहुचा और उन्होने यह कह दिया की वह जगह राजस्व विभाग में नहीं आता है साल वृक्षों की कटाई वन क्षेत्र की भूमि से किया गया है | इस तरह से साल वृक्ष की कटाई कंहा से किसके क्षेत्र से हुआ है इसको लेकर टाल मटोल चलते रहा | मामला सोशल मिडिया मिडिया में गर्माने से वन विभाग वालों ने जप्ती नामा बनाकर लकडी का परिवहन करा लिया पर बेशकीमती लकडी की कटाई से हुये क्षति का सही आंकलन किया और न किसी पर प्रभावी कार्यवाही किया |वन विभाग के अधिकारी वन कटाई पर बस टाल मटोल की नीति अख्तियार कर पूरे मामले का पटापेक्ष करने में ही लगे रहे! वनों की सुरक्षा और संवर्धन को लेकर वन विभाग कितना गंभीर है इसका प्रमाण इस मामले में देखने को मिला। जबकि जानकार बताते है और कटे हुऐ वृक्षों के ठूंठ को देखने से यह साफ दिखाई देता है की वृक्षों की कटाई चाईना कटर मशीन से बडे बेरहमी से बेखौफ़ होकर किया गया है। वन भूमि को हथियाने की मंशा से वन विनाश करके वालों का हौंसला बुलंद है और वन विभाग के अधिकारी नीरो बने बैठै हुऐ है। इस मामले में ठोस कार्यवाही न होने से बडेडोंगर वन परिक्षेत्र सहित पूरे वनमंडल क्षेत्र में वनाधिकार पट्टा पाने की लालच में वनक्षेत्र में खडे हरे भरे वृक्षों की अंधाधुंध कटाई का सिलसिला चल रहा हैं | बडेडोंगर वन परिक्षेत्र में हुये अवैध कटाई और केशकाल वन परिक्षेत्र में बोरगांव सागौन प्लांटेड कटाई के मामले के सांथ अभी हाल मे ईरागांव क्षेत्र में वन भूमि हथियाने की मंशा से किये गये अंधाधुंध कटाई में बीट में पदस्थ वनरक्षक से लेकर वनमंडल कार्यालय और मुख्यालय में बैठे वन अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा करने की जरूरत है ताकि वनसंपदा बचा रहे और पर्यावरण संतुलन भी बना रहे |

