
केशकाल/( महफूज अली)– बुधवार शाम 4:00 बजे रावणभाटा बोरगांव के मैदान में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की जुड़े पदाधिकारी गण एवं सदस्य गण इकट्ठा हुए और सरकार को अपनी लंबित मांगों कोई याद दिलाने के लिए अनूठा प्रदर्शन किया।
जी हां मशाल जलाकर अपनी मांगो को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए अनुविभागीय अधिकारी केशकाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
अपनी चार सूत्र मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले सभी विकासखंडों में मशाल रैली निकालकर अपनी मांगों को याद दिलाने के लिए अधिकारी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष एवं फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जैन ने बताया कि कर्मचारियों अधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से 22 सितंबर,29सितंबर को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौपा गया था ,इसके उपरांत 6 अगस्त को कलेक्टर रायपुर के माध्यम से मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने हेतु आग्रह किया गया था। फेडरेशन ने 20 अगस्त से 30 अगस्त के बीच विधायकों एवं सांसदों को मोदी की गारंटी और चुनाव के समय किए गए वादों को याद दिलाते हुए ज्ञापन दिया था।
आज अपनी मांगो के पूर्ण नहीं होने पर मशाल रैली निकाल कर अधिकारी कर्मचारी फैडरेशन ने अपना आक्रोश जताया है और सरकार को अपनी मांगों को लेकर और उनके द्वारा किए गए मोदी की गारंटी के वादा को पूरा ना कर पाने की स्तिथि में आगामी 27 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है।
बता दें कि कर्मचारियों की चार सूत्री मांगों में से केंद्र सरकार के अनुसार 4% महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2024 से दिया जाना एवं जुलाई 2019 के एरियर्स की राशि को जीपीएफ खाते में ट्रांसफर करने संबंधी मांग है। इसके अलावा अधिकारी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिए जाने की मुख्य मांगे फेडरेशन के पदाधिकारियो ने की है।
अब देखना होगा कि 27 सितंबर के पहले सरकार अधिकारी कर्मचारियों की यह मांगे पूरी कर पाती है या नहीं? नहीं तो 27 सितंबर से राज्य शासन को एक बड़े आंदोलन और कर्मचारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।



