“आश्वासन नहीं समाधान”* *आन्दोलन* *राजधानी रायपुर में कोण्डागांव से शामिल हुए सैकड़ों कर्मचारी अधिकारी*

*”आश्वासन नहीं समाधान”* *आन्दोलन*

*राजधानी रायपुर में कोण्डागांव से शामिल हुए सैकड़ों कर्मचारी अधिकारी*

केशकाल! छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर 3 सितंबर 2021 को प्रदेश बंद कराया गया था! आंदोलन को संज्ञान में लेते हुए माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ने समय सीमा तय करते हुए पिंगुवा कमेटी गठित की गई परंतु आज पर्यंत तक उक्त कमेटी द्वारा सरकार को रिपोर्ट नहीं सौंपी गई जिस कारण कर्मचारी जगत में रोष व्याप्त है इसी संबंध में 28 फरवरी 2023 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा आयोजित बैठक में शासन के उपेक्षा पूर्ण रवैया को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध एवं मांगों को निराकृत करते हुए शासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए ” आश्वासन नहीं समाधान आंदोलन” करने का निर्णय लिया गया है आंदोलन का प्रथम चरण में 3 मार्च 2023 को जिला ब्लाक तहसील स्तरीय माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव जी के नाम ज्ञापन सौंपना तथा द्वितीय चरण 18 मार्च 2023 को रायपुर में प्रांत स्तरीय धरना प्रदर्शन आयोजन किया गया है जिसमें निम्नलिखित मांग शामिल हैं।
लिपिक संवर्ग,शिक्षा विभाग के समस्त शिक्षक एवं शिक्षक एल बी संवर्ग विभाग,महिला एवं बाल विकास विभाग ,वन विभाग,पशुपालन विभाग एवं अन्य कर्मचारी विभाग के वेतन विसंगति का निराकरण ,पूर्व सेवा की गणना लाभ एवं 17 सितंबर 2021 को गठित पिंगुवा कमेटी की रिपोर्ट सरकार को तत्काल सौंपी जाए
प्रदेश के कर्मचारी एवं पेंशनरों को लंबित 5% महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतन मान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता स्वीकृत आदेश जारी किया जाने
जन घोषणा पत्र में उल्लेखित चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जाने तथा प्रदेश के विभिन्न संगठनों द्वारा समय-समय पर अपनी मांगों को लोकतांत्रिक ढंग से शासन के समक्ष रखने के लिए रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत पंडरी स्थित पुराने बस स्टैंड को धरना स्थल घोषित किया जाए।
सभा को संबोधित करते छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फ़ेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जैन ने कहा सरकार समय रहते कर्मचारियों के मांगों को पूरा करे नहीं तो प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी उद्वेलित हैं वे फिर से बड़ा आन्दोलन करने बाध्य हो जाएंगे स्कूल सहित प्रदेश के सरकारी कार्यालय में काम काज पुरी तरह ठप्प हो जाएंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी। नीलकंठ शार्दूल जिला संयोजक कोण्डागांव ने कहा कि लोग कहते है कि भूपेश है तो भरोसा है लेकिन आज उस सरकार का भरोसा यहा के अधिकारीयो ने तोड दिया है और हमारी 14 सूत्रीय मांग पर सरकार पूरी तरह से गंभीर नही है और सरकार जब तक हमारी सभी मांग को पूर्ण नही करती है हमे अब अपना आंदोलन वापस नही लेना है। एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन मे
मुख्य रूप से शामिल होने वाले पदाधिकारी संभागीय पदाधिकारी शिवराज सिंह ठाकुर, जिला पदाधिकारी कौशल नेताम ,रोशन हिरवानी,सह संयोजक लोकेश गायकवाड़, जिलाध्यक्ष चमन वर्मा, भुनेश्वर पुजारी,रामदेव कौशिक, विश्वनाथ पटेल, डमरु मरकाम, रमेश, अमित मंडावी,मोइन खान,पाशा अली, मस्सुराम मरकाम,सुकमन नेताम,सुरेश नेताम,बिशन पोयाम,रामरथ बेलसरिया, गजेन्द्र भण्डारी, उग्रसेन नाग,सुकुल नाथ पोयाम,खेमचन्द महावीर, सहित सैकड़ों कर्मचारी अधिकारी उपस्थित रहे।

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