
इमरान पारेख कि खबर 
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ मनाया गया दीपावली
पुनर्वास केंद्र में रह रहे मानसिक बीमार लोगों के साथ जलाए गए फुलझड़ी
जिला में संचालित शांति फाउंडेशन समाजसेवी संस्था के द्वारा दीपावली बनाने का अंदाज पिछले कई सालों से ऐसा ही रहा है हर साल की तरह इस वर्ष भी दीपावली में जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिठाई बांटकर दीपावली बनाया गया और उन परिवारों को यह एहसास दिलाया गया कि इस भीड़ में आप अकेले नहीं हो हम सब आपके साथ हैं यह त्यौहार हम सभी का है हम सभी के लिए हैं और हम आपके परिवार हैं और हम आपके लिए जब आप चाहेंगे जब आप बोलेंगे हम आपके लिए मौजूद है यह एहसास करा कर उन्हें दीपावली का भेंट मिठाई मिष्ठान कराया गया साथ ही ऐसे बहुत से परिवार जिनके घरों में रोशनी नहीं था उन सभी परिवारों में जाकर हर साल की तरह महिलाओं को साड़ी भेंट किया गया साथ ही उन्हें मिठाई भेंट किया गया उनके घरों में दिए जलाए गए और उनको बताया गया कि आप अपने आप को अकेला ना समझे हम सभी आपके साथ हैं आपके परिवार हैं आपको जब जैसे जहां हम सभी की जरूरत पड़ती है आप अपना परिवार समझकर हमारे लिए हमारा काम बताइए हम आपके परिवार हैं हम आपके बेटे हैं हम आपके भाई हैं आप अपना परिवार समझकर हमें अपने हर कार्यों में सम्मिलित कीजिए हर साल दिवाली बनाने का यह अंदाज लोगों के दिलों में एक परिवारिक सौहार्द पैदा कर रहा है चाहे वह जिला अस्पताल पर भर्ती मरीज हो या मरीज का परिवार हो उन्हें एक सहानुभूति मिलती है कि मैं इस जिला अस्पताल में अकेला नहीं हूं मेरा भी परिवार है यह एहसास कराना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है हमारे जिले के लिए हमारे जिले के उन सभी तमाम शांति फाउंडेशन के सहयोगी संस्थाएं राजमिस्त्री संग रानी दुर्गावती संस्था ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन भारतीय पुर्व सैनिक सेवा परिषद व जिले के प्रतिष्ठित व्यक्ति डॉ हितेन मिश्रा जी , नरेंद्र शर्मा जी , संजय लाला जी , मोहम्मद शकील सिद्दीकी गौरव ठाकुर ,रितेशकोर्राम ,रोशन ध्रुव विक्रम सोरी , चंद्रकांत दुबे, पिंटू सोरी ,जो लगातार संस्था के साथ कदम से कदम मिलाकर लोगों के सेवा के कार्य में लगे हुए हैं यह कार्य अपने आप में लोगों को एकजुटता करना लोगों को एक करने में हर वह भूमिका निभा रहा है जिससे कोई भी लोग अपने आपको अकेला महसूस ना करें आज शांति फाउंडेशन के द्वारा जिले में लगभग सात ऐसे परिवारों का घर बनाया जा चुका है जिन परिवारों तक किसी कारण वर्ष प्रशासनिक योजनाएं नहीं पहुंच पाई थी आज उन परिवारों को सर के ऊपर छत देना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धियों में से एक है आज ना कि वह सिर्फ उस घर के मालिक हैं शांति फाउंडेशन परिवार की वह सदस्य है जो ताउम्र शांति फाउंडेशन उन्हें हर त्यौहार में हर अपने खुशनुमा पल पर याद करके उनके लिए जरूर भेंट मिष्ठान करवाता है
जिस पर शांति फाउंडेशन के अध्यक्ष यतिंद्र सलाम का कहना है कि आज जिन लोगों को हमने बेसुध हालत में सड़कों से उठाया था जिन लोगों के परिवार ने मानसिक बीमारी की वजह से इन्हें सडको पर छोड़ दिया था वो आज इस कदर जिने के काबिल हो गये है कि उन्हें सही और गलत का पहचान होने लगा है आज दीपावली के दिन सभी ने अपने फटाके जलाये मां लक्ष्मी का पूजा किया उन सभी की खुशी में ही हम लोगों की खुशी है हम सभी को यह लोग जब हंसते हुए देखते हैं इन हसी की कीमत इस दुनिया का कोई दौलत नहीं दे सकता जो लोग कल तक सड़कों पे दर बदर ठोकर खा रहे थे आज जिला प्रशासन के सहयोग के वजह से एक खूबसूरत जीवन जी रहे हैं जिसके लिये जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने हमारी योजनाओं को जिला प्रशासन के अंदर जगह दिया गया और आज सैकड़ों मानसिक बिमार ठीक हो कर नहीं अपने परिवारों से मिल पा रहे हैं इससे बड़ी खुशी की बात है खुश नहीं हो सकती

