
केशकाल/महफूज़ अली–बस्तर संभाग क्षेत्र में बारिश के शुरू होते ही लोगों को बोडा का इंतजार रहता है गर्मी के दिनों के बाद होने वाली पहली बारिश के दिनों में बस्तर के जंगलों में सरई झाड़ के नीचे जड़ों को खोद कर यह सब्जी निकाली जाती है अक्सर यह प्रतिवर्ष यह बोडा जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई माह में बस्तर के लोगों को उपलब्ध होता है। लेकिन इस वर्ष में मई के महीने में लगातार हो रही बारिश के चलते मई के महीने में ही बोडा निकलना चालू हो गया है बस्तर के लोग इस बोड़ा की सब्जी को काफी पसंद करते हैं वर्तमान में केशकाल के बाजार में बोडा दिखने लगा है₹500शोली की दर से यह बोडा बाजारों में बिक रहा है इस हिसाब से प्रति किलो ₹2000 इस घोड़े की कीमत पहुंच गई है और लोग इस कीमत पर भी बोडा खरीद कर खाने को तैयार हैं इसी से समझा जा सकता है कि बस्तर में बोड़ा की सब्जी की कितनी क्रेज है।
केशकाल के बाजार में विश्रामपुरी ब्लॉक के कलगांव ग्राम के ललित कुमार मरकाम ने यह बोडा जंगल से निकालकर बेचने को लाए हैं उनसे बात करने पर कहा कि ₹500शोली की दर से यह बोड़ा हम बेच रहे हैं और लोग खरीद भी रहे हैं।


