आदिवासी ग्रामीणों से मिलने बुरजी जा रहे पूर्व मंत्री गागड़ा को पुलिस ने बैरिकेट लगाकर रोका

आदिवासी ग्रामीणों से मिलने बुरजी जा रहे पूर्व मंत्री गागड़ा को पुलिस ने बैरिकेट लगाकर रोका

पूर्व मंत्री महेश गागड़ा जिले के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र बुरजी आदिवासी ग्रामीणों से मिलने जा रहे थे जिन्हें पुलिस द्वारा जिला मुख्यालय से निकलते ही गंगालूर मार्ग पर बैरिकेट कर रोक लिया।नाराज पूर्व मंत्री अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहीं सड़क पर धरने में बैठ गए।

शुक्रवार को बुरजी ग्राम में आदिवासी ग्रामीणों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किये जाने का आरोप लगा था जिसके बाद से ही ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं कई आदिवासी ग्रामीण घायल हुए हैं तथा इलाज भी नही करवा पाने की जानकारी पूर्व मंत्री को मिली थी जिसके बाद पूर्व मंत्री गागड़ा ग्रामीणों से मिलने काफिला के साथ निकले हुए थे जिला मुख्यालय से निकलते ही पुलिस ने गंगालूर मार्ग पर पूर्व से से बैरिकेट कर रखी थी जहां उन्हें रोक लिया गया।रोके जाने से नाराज पूर्व मंत्री ने वहीं सड़क पर धरने में बैठ गए किसी तरह पुलिस ने वहां से उठाकर वापस भेजा,जिसके बाद महेश गागड़ा ने स्थानीय विधायक पर आदिवासियों के साथ दोहरी राजनीति व तानाशाही करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा है आदिवासियों के साथ शोषण और दमन विधायक और सरकार कर रही है बुरजी का मारपीट घटना दुर्भाग्यपूर्ण है,हमारे आदिवासी भाई हैं कोई अपराधी देशद्रोही नहीं हैं जिनसे मिलने नही दिया जा रहा है।आरोप के बाद हम तथ्य जानने जाना चाह रहे हैं विपक्ष के नाते लेकिन स्थानीय विधायक कुछ छुपाना चाह रहे हैं।इसलिए पुलिस को आगे कर हमें रोक रही है।
कांग्रेस सरकार और विधायक आदिवासियों की आवाज को दमन करके रोकना चाहती है विधायक आदिवासियों के साथ गेम खेल रहे हैं यह खेल बहुत दिनों तक नही चलने वाली है।

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